लखनऊ का बुद्धेश्वर महादेव मंदिर: जहाँ बुधवार को होती है भोलेनाथ की ख़ास पूजा
लखनऊ में शिव के कई पुराने मंदिर हैं, पर बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की पहचान अलग है। यहाँ सोमवार के साथ-साथ बुधवार को विशेष पूजा की परंपरा है, और सावन के बुधवारों को भारी भीड़ उमड़ती है। जुलाई 2020 में वॉक्सी टॉक्सी ने यहाँ से विशेष रिपोर्ट की थी।
वीडियो में क्या है
यह वीडियो 8 जुलाई 2020 को, सावन के महीने और कोरोना महामारी के दौर में अपलोड हुआ। वीडियो के विवरण के अनुसार रिपोर्टर आयुष तिवारी कैमरापर्सन शुभम राज के साथ मंदिर पहुँचे। वे बताते हैं कि मंदिर गोमती नदी के दूसरे छोर पर है और इससे जुड़ी मान्यता यह है कि भगवान राम के आदेश पर जब लक्ष्मण माता सीता को वन में छोड़ने जा रहे थे, तब वे यहाँ रुके, शिव की आराधना की और शिव ने बुधवार के दिन दर्शन दिए, इसलिए इसका नाम बुद्धेश्वर पड़ा। एक श्रद्धालु मंगल पांडे बताते हैं कि वे बचपन से हर बुधवार और सोमवार दर्शन करने आते हैं और पास का कुंड सीता कुंड कहलाता है। वीडियो में प्रशासन के एक अधिकारी सावन के बुधवार की भीड़ को देखते हुए कोविड से बचाव के इंतज़ामों की जानकारी देते हैं।
मंदिर के बारे में
- स्थान: मोहन रोड, बुद्धेश्वर चौराहे के पास, लखनऊ।
- मान्यता: मंदिर का संबंध रामायण काल की कथा से जोड़ा जाता है। यह आस्था और परंपरा पर आधारित मान्यता है; इसका कोई पुरातात्विक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
- विशेष दिन: सावन के बुधवार और महाशिवरात्रि पर यहाँ सबसे अधिक भीड़ होती है, और सावन में मेला भी लगता है।
हाल की ख़बर: हाईकोर्ट का निर्देश
सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग के सचिव को मंदिर के मामलों पर विचार करने और इसके प्रबंधन की एक योजना प्रस्तावित करने का निर्देश दिया था। याचिका में मंदिर परिसर के कुछ हिस्सों, जैसे सीता रसोई और कांवड़ भवन, को खोलने की माँग की गई थी। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि मुख्य मंदिर बंद नहीं था। आगे की स्थिति के लिए आधिकारिक सूचना देखें।
दर्शन के लिए सुझाव
- सावन के बुधवार को सुबह जल्दी पहुँचें; भीड़ के कारण आसपास यातायात बदला जा सकता है, इसलिए लखनऊ ट्रैफ़िक पुलिस की सूचना देख लें।
- बुज़ुर्गों और बच्चों के साथ जाएँ तो पानी और ज़रूरी दवाएँ साथ रखें।
- मंदिर परिसर और गोमती तट पर सफ़ाई का ध्यान रखें और फूल-माला तय जगह पर ही डालें।
- महाशिवरात्रि और सावन में प्रशासन जो कतार और सुरक्षा व्यवस्था करता है, उसका पालन करें।



