लखनऊ का मनकामेश्वर मंदिर: गोमती किनारे बसे प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन
लखनऊ के डालीगंज इलाके में गोमती नदी के किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर शहर के सबसे पुराने और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में गिना जाता है। वॉक्सी टॉक्सी अध्यात्म की इस कड़ी में हम आपको मनकामेश्वर मंदिर के दर्शन कराते हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यता
स्थानीय मान्यता के अनुसार इस मंदिर का संबंध त्रेता युग से है। कहा जाता है कि भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने यहाँ भगवान शिव की आराधना की थी। लखनऊ के पुराने नाम "लक्ष्मणपुर" से भी इस कहानी को जोड़ा जाता है। "मनकामेश्वर" नाम का अर्थ है — मन की कामना पूरी करने वाले ईश्वर। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन से माँगी गई मुराद पूरी होती है।
छात्रों का मंदिर
यह मंदिर लखनऊ विश्वविद्यालय के पास है, इसलिए यहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ आते हैं। परीक्षा के दिनों में भीड़ और बढ़ जाती है। सोमवार, सावन का महीना और महाशिवरात्रि यहाँ सबसे ख़ास दिन होते हैं, जब दूर-दूर से श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुँचते हैं।
गोमती आरती
मंदिर के पास गोमती तट पर होने वाली आरती देखने लायक होती है। शाम के समय दीपों की रोशनी और घंटों की आवाज़ के बीच नदी का दृश्य बहुत सुंदर लगता है। मंदिर अपनी सामाजिक पहल के लिए भी जाना जाता है और यहाँ की महंत दिव्या गिरी शहर के धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहती हैं।
दर्शन के लिए सुझाव
- सावन और महाशिवरात्रि पर सुबह जल्दी पहुँचें, क्योंकि लंबी कतारें लगती हैं।
- मंदिर पुराने लखनऊ के पास है, इसलिए निजी वाहन की बजाय ई-रिक्शा या ऑटो से जाना आसान रहता है।
- पास में ही गोमती का घाट है — शाम की आरती के समय तक रुकें।
पूरा दर्शन वीडियो में देखें और बताएँ कि आप आख़िरी बार मनकामेश्वर मंदिर कब गए थे।



