Economic Slowdown: क्या देश की सबसे सफल राजनीती पार्टी देश की अर्थव्यवस्था चलाने में असफल है ?

Economic Slowdown: वर्तमान समय में भारत की अर्थव्यवस्था बहुत नाजुक स्थति में है। हमारे देश की सबसे सफल राजनीति पार्टी उससे चलाने में असफल रही है।

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ECONOMIC SLOWDON BJP FAIL TO GROW ECONOMY
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कोई भी सरकार असल मायने में सफल सरकार तब मानी जाती है, जब वह पूर्ण रूप से हर क्षेत्र में सफ़ल हो औऱ इनमें सबसे महत्वपूर्ण देश की नब्ज़ या यूं कहें कि देश की आर्थिक स्थिति होती है।यदि किसी मुल्क के आर्थिक हालात सही नहीं हैं, फ़िर वह देश राजनीतिक रूप से कितना भी सफल क्यों न हो, ये मायने नहीं रखता। तवज्जों इस बात को ही दी जाती कि वह आर्थिक दृष्टि की नीति से कहाँ खड़ा है?

देश को विकास की ओर बढ़ाने के लिए मोदी जी ने मांगे थे 60 महीने  

किसी भी सरकार का आर्थिक पैमाना मापने के लिए उसका एक ही कार्यकाल काफ़ी होता है और भारत में यह 5 साल है। यानी हम ये कह सकते हैं कि इतने समय में यह साफ हो जाता है कि वह सरकार आर्थिक रूप से किस शिखर पर खड़ी है। फ़िर प्रधानमंत्री मोदी ने यह ख़ुद साफ किया था कि उन्हें सत्तर साल के बदले सिर्फ 60 महीने चाहिए। लेकिन जनता ने उन्हें औऱ उनकी सरकार को इससे ज्यादा दिया। इसके बावजूद भी मोदी सरकार आर्थिक मंदी की इस समस्या से निजाद नहीं पा रही।   

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क्या बीजेपी है आर्थिक मंदी की वजह ?

परन्तु आज हमें यह कहने में कोई संकोच नही होगा कि आर्थिक मोर्चे पर यह सरकार हर जगह फ़ेल हो रही है
और आज मौजूदा सरकार अपने ही बुने जाल में ऐसी फंसती दिख रही है कि उसे स्वयं समझ नहीं आ रहा कि वह इस आर्थिक संकट से कैसे निपटें? वर्तमान समय इस सरकार का सबसे बुरा वक्त है क्योंकि वह आर्थिक रूप से हर मोर्चे पर फेल है।ऐसे में वह करे तो क्या करे?

मोदी सरकार राजनीति में पूरी तरह सफल है 

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यह जरूर है कि मोदी सरकार राजनीतिक रूप से पूर्णतया सफ़ल सरकार है। इसलिए वह आपको हर जगह पर राजनीतिकरण करती दिखेगी।औऱ यह भी कहेगी वह राजनीति नही कर रही है। आर्थिक रूप से हर मोर्चे पर विफल सरकार आज कश्मीर को अपनी ढाल के रूप में उपयोग कर रही है। आप किसी भी सेक्टर को उठा लीजिए हालत बिलकुल खस्ता हो गई है, अगर ठीक ठाक ढंग से रिपोर्टिंग कर ली जाए तो सरकार की सारी बोगस बयानबाजी का पुलिंदा खुल जायेगा।

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30 लाख लोग हो सकते है बेरोजगार 

Economic Slowdown AUTO SECTORइस आर्थिक मंदी में पारले जी बिस्कट कंपनी अपने10 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाली है। कारण जी एस टी, इसी तरह MSME सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग के अनुसार जल्द ही मंदी से हालात न सुधरे तो 30 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं।वही NHAI नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की हालत भी बिल्कुल खस्ता हो चुकी है। कर्ज की मात्रा बहुत ज्यादा है जितनी कमाई नहीं उससे ज्यादा ब्याज चुकता करना है। प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।

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औऱ गोदी मीडिया निरन्तर सरकार की खिदमत में तारीफों के पुलिंदा बांधे है। आज गोदी मीडिया के खिलाफ देश में एक बड़े जनांदोलन की जरूरत है। तय आपको करना है कि सरकार की गलत नीतियों का समर्थन करना है या देश को विपरीत परिस्थितियों से सुरक्षित रखना है।

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