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आखिरकार भारत से नेपाल में सस्ता क्यों है पेट्रोल और डीजल ?

आखिरकार भारत से नेपाल में सस्ता क्यों है पेट्रोल और डीजल ?
प्रतीकात्मक चित्र: Ralf Lotys (Sicherlich) / Wikimedia Commons, CC BY 3.0

अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न जरूर आता है की नेपाल अपनी जरूरत का सारा पेट्रोलियम पदार्थ (पेट्रोल, डीजल, घरेलू गैस) भारत से ही ख़रीदता है। लेकिन फिर भी भारत की अपेक्षाकृत नेपाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सस्ती है।

आँकड़ों के अनुसार नेपाल तेल निगम हर साल भारत से 71673 किलोलीटर तेल ख़रीदता है। भारत में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन उसकी साझीदार कंपनी है। नेपाल के जो इलाक़े भारत को छूते हैं, उन इलाक़ों में सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी आईओसी ही करती है।

नेपाल में तेल पर लगने वाली टैक्स प्रणाली अलग है-

जिस क़ीमत पर क्रुड ऑयल भारत ख़रीदता है, उसी क़ीमत पर नेपाल भी ख़रीदता है। लेकिन, वहाँ तेल पर लगने वाले टैक्स की प्रणाली भारत से अलग है। नेपाल में पूरे देश में तेल पर सिर्फ़ एक ही टैक्स लगता है, जबकि हमारे यहाँ पहले केंद्र की एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती है और फिर राज्यों में वैट (VAT) वसूला जाता है।

इसके अलावा नेपाल में एक टैक्स लगता है, वह भी भारत के एक्साइज ड्यूटी से काफ़ी कम है। इसकी एक वजह ये है कि नेपाल में जो भी तेल भारत से जाता है, वह रिफ़ाइन होकर जाता है।

नेपाल में इस समय प्रति लीटर तेल पर लगभग 40 रुपए का टैक्स वसूला जा रहा है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण, पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड मेंटेंनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे टैक्स हैं। जबकि भारत में तेल पर लगने वाली केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट मिलाकर 50 रुपए के पार पहुँच जाता है।

भारत के लोग पेट्रोल लेने नेपाल क्यों जा रहे –

सस्ता डीज़ल-पेट्रोल ख़रीदने के लिए नेपाल जाना भारत की तरफ़ के सीमावर्ती इलाक़े के लोगों के लिए बहुत ही आसान है, उसी तरह नेपाल के लोगों के लिए भी भारत आने में किसी तरह की परेशानी नहीं है, क्योंकि भारत की तरफ़ से नेपाल के लोगों के आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

हालाँकि, नेपाल सरकार ने अपने यहाँ भारतीयों के प्रवेश के लिए सशर्त इजाज़त दी है, लेकिन यह सिर्फ़ उनके लिए है, जो नेपाल में घूमने जाते हैं। स्थानीय लोगों के लिए, जिनके व्यापार और परिवार के संबंध नेपाल से हैं, उनके लिए ये शर्त कोई मायने नहीं रखती और खुली सीमा होने के कारण नेपाल में प्रवेश के उनके पास हज़ारों रास्ते हैं।

नेपाल के पेट्रोल पंप इन दिनों गुलजार से हैं –

एक ओर जहाँ भारत के सीमावर्ती इलाक़ों के पेट्रोल पंप पर इन दिनों बिक्री घट गई है, वहीं दूसरी ओर नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के पेट्रोल पंप गुलजार दिख रहे हैं।नेपाल में भारत के नंबर प्लेट वाले कई दो पहिया वाहन को पेट्रोल भराते देखा जा चुका है। उन लोगो का कहना है की उन्हें बार्डर पार करने में कोई दिक्कत नहीं होती।वो रोज़ आने वाले लोग हैं। यहाँ उनका व्यवसाय है।

और जब नेपाल में 23 रुपया सस्ता पेट्रोल मिल रहा है, तो वो भारत से क्यों तेल भराएँ! एक बार हम टंकी फुल करा लेते हैं तो हफ़्ता भर चल जाता है। नेपाल के सभी शहरो में पेट्रोल पंप पर भारतीय वाहनों में तेल धड़ल्ले से दिया जा रहा है।

तेल की तस्करी को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं –

क्या पेट्रोलियम पदार्थों की ये तस्करी रोकी नहीं जा सकती

नेपाल से भारत में हो रही तेल की तस्करी से नुक़सान भारत को ही हो रहा है। सीमावर्ती इलाक़ों के पेट्रोल पंपों पर बिक्री 70 फ़ीसदी तक घट गई है।

बॉर्डर पर चौकसी कर रही सशस्त्र सीमा बल कहना है कि, “हम लोगों ने अपनी सीमा चौकियों को सतर्क किया हुआ है। कोरोना के कारण बॉर्डर से सामान्य आवाजाही तो पहले से बंद है। केवल टैंकर और ट्रकों के लिए मेन रास्ते खुले हैं। जब से टैंकरों के ज़रिए तस्करी की ख़बरें आई हैं, तबसे इन मार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।

इसके अलावा सीमा से सटा जहाँ भी सशस्त्र सीमा बल का क्षेत्र है, वहाँ इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हमारी कोशिश है कि एक भी तस्कर सीमा पार नहीं कर पाये।

कीमतें कम न हुई पेट्रोल पंप चलाना मुश्किल होगा व्यवसायी –

भारत-नेपाल की सीमा से सटे बिहार के रक्सौल शहर में युगल किशोर शिकारिया पिछले तीन दशक से पेट्रोल पंप चला रहे हैं। चार साल पहले तक रोज़ाना सात से आठ हज़ार लीटर डीजल-पेट्रोल बेचते थे। लेकिन इन दिनों उनकी ब्रिकी घटकर रोज़ाना 15 सौ से दो हज़ार लीटर पर आ गई है।

इसकी वज़ह यह नहीं कि रक्सौल शहर में वाहन कम हो गए हैं, बल्कि यह है कि पड़ोसी देश नेपाल में भारत से सस्ता डीजल-पेट्रोल होने के कारण सीमावर्ती इलाक़ों में इसकी तस्करी बढ़ गई है और स्थानीय लोग अपने वाहनों में नेपाल जाकर डीज़ल-पेट्रोल भरवा ले रहे हैं।

रक्सौल सीमा से सटे नेपाल के वीरगंज शहर में भारत की तुलना में शनिवार को डीजल भारतीय रुपए के मुताबिक़ 27।50 रुपए सस्ता था, जबकि पेट्रोल की क़ीमत 23 रुपए कम थी।

नेपाल की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले वीरगंज से सटे बिहार के रक्सौल की सीमा पर गुरुवार को नेपाल प्रहरी के जवानों ने टैंकर में भरकर ले जा रहे 1360 लीटर पेट्रोल को जब्त किया और तीन लोगों को गिरफ़्तार किया।

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आयुष तिवारी

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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